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जिस प्रकार भारत में सात अजूबे हैं उसी प्रकार दुनियाँ में भी सात अजूबे हैं जिनमें से एक है चीन की विशाल दीवार तो आइये जानते हैं

 

चीन की विशाल दीवार के बारे में रोचक जानकारी -
 

● चीन की ये महान दीवार 5वी सदी ईसा पूर्व से लेकर 16वी सदी  तक बनाई गयी थी

 

● चीन की महान दीवार (Great Wall of China) को ‘ग्रेट वाल ऑफ़ चाइना’ की नाम से भी जाना जाता है

 

● इस दीवार की लम्बाई 6300 किमी है

 

●मानव द्वारा निर्मित यह दुनियाँ का सबसे लम्बा अजूबा है

 

● चीन पर उत्तरी दिशा से होने वाले आक्रमणों से रक्षा के लिए इसका निर्माण किया गया था

 

● यह एक मात्र मानव निर्मित आकृति है जिसे आकाश से नग्न आँखों से देखा जा सकता है

 

● इस दीवार कली अधिकतम ऊंचाई 35 फीट तक है '
चीनी भाषा में इस दीवार को 'वान ली छांग छंग' कहा जाता है

 

● इस दीवार को बनाने में लगभग 3000 मजदूरों नि आपनी जान गबाई थी

 

● इस दीवार को बनाने में 20 से 30 लाख लोगो ने अपना जीवन लगा दिया था

 

नर्मदा नदी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी -

नर्मदा नदी भारत में बहाने वाली प्रमुख नदियों में से एक है जो पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है यह नदी भारत के राज्य गुजरात और मध्यप्रदेश की प्रमुख नदी है आइये जानते हैं नर्मदा नदी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी -
 

 

 

● नर्मदा नदी (Narmada River) का उद्गम स्थल अमरकण्टक शिखर से है

 

● ग्रंथों में इस नदी को रेवा के नाम से भी जाना जाता है

 

● नर्मदा नदी भारत की पांचवी बड़ी नदी मानी जाती है
इस नदी की लम्बाई लगभग 1310 किमी है

 

● नर्मदा नदी के किनारे बसे नगर ओंकारेश्वर, जबलपुर, रायगढ़ हैं

 

● इस नदी की सहायक नदियाँ बुढनेर, बंजर, शर, तबा, आदि हैं

 

● इस नदी पर बने बांध महेश्वर बाँध, इंदिरा सागर बाँध, सरदार सरोवर बाँध, रानीपुर बाँध आदि हैं

 

● यह नदी पश्चिम की तरफ खम्बात की खाड़ी में गिरती है

 

गेेट वे ऑफ इंडिया के बारे में रोचक बातें -

गेट वे ऑफ इंडिया ( Gateway of India) भारत की आर्थिक राजधानी मुम्‍बई (Financial capital Mumbai) में स्थित एक द्वार है इस द्वार की ऊॅचाई 85 फीट है यह द्वार होटल ताज महल के ठीक सामने स्थित है आइये जानते हैं गेेट वे ऑफ इंडिया के बारे में रोचक बातें -
 

 

● गेट वे ऑफ इंडिया का निर्माण तत्‍कालीन भारत सरकार द्वारा वर्ष 1920 में किया गया था

 

● यह द्वार मुंबई के दक्षिण में कोलाबा में समुद्र तट पर स्थित है

 

● यह द्वार 2 दिसंबर, 1911 में आये राजा जॉर्ज पंचम और रानी मैरी के आगमन की याद में बनाया गया था

 

● इस इमारत की नींव 31 मार्च 1911 को रखी गई थी

 

● यह द्वार वर्ष 1924 में बनकार तैयार हुआ था
इस द्वार का डिजाइन वास्‍तुकार जॉर्ज विटेट ने बनाया था

 

● आजादी के बाद अंतिम ब्रिटिश सेना इसी द्वार से होकर वापस गई थी

 

● यह इमारत अरब सागर के समुद्री मार्ग से आने वाले जहाजों आदि के लिए भारत का द्वार कहलाता है

 

● एलीफेंटा गुफाओं की यात्रा के लिए के लिए गेटवे ऑफ इंडिया एक शरूआती बिंदु के रूप में कार्य करता है

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