1.    

मौर्य साम्रज्य का शासनकाल 321 0 पू0 से 184 0 पू0 तक चला

2.    

मौर्य वंश का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य था

3.        

322 0 पू0 में चन्द्रगुप्त मौर्य ने चाणक्य की सहायता से नन्द वंश के अंतिम शासक धनानंन्द की हत्या करके मौर्य साम्राज्य की स्थापना की

4.    

यूनानी साहित्य में चन्द्र्गुप्त मौर्य को सैंड्रोकोट्स कहा गया है

5.        

305 0 पू0 में चन्द्रगुप्त का संघर्ष सिकंदर के सेनापति सेल्युकस निकोटर से हुई जिसमें चंद्रगुप्त की विजय हुई

6.    

चंद्रगुप्त के शासनकाल में मेगस्थनीज दरबार में आया और पाँच वर्षो तक पाटिलपुत्र रहा

7.    

मेगस्थनीज ने इन्डिका की रचना की जिसमें मौर्य साम्राज्य की दशा का वर्णन है

8.    

चंद्रगुप्त मौर्य ने सौराष्ट्र,मालवा,अवन्ति के साथ सुदूर साउथ भारत को मगध राज्य में मिलाया

9.    

चंद्रगुप्त ने बाद में जैन धर्म स्वीकार किया भद्रबाहु से जैन धर्म को स्वीकार किया

10.  

चंद्रगुप्त मौर्य ने 0 पू0 300 में अनशन व्रत करके कर्नाटक के श्रवणगोला में अपने शरीर का त्याग किया

11.    

300 0 पू0 में बिंदुसार मगध की गद्दी पर बैठा

12.  

यूनानी इतिहासकारों ने बिंदुसार को अपनी रचनाओं में अमित्रोकेट्स की संज्ञा दी है जिसका अर्थ होता है शत्रु का विनाशक

13.  

वायु पुराण में बिंदुसार को भद्रसार तथा जैन ग्रंथों में सिंहसेन कहा गया है

14.  

बिंदुसार के शासन काल में तच्शिला में दो विद्रोह हुए पहले विद्रोह को उसके पुत्र सुसीम ने दबाया दूसरे को अशोक ने दबाया

15.  

बिंदुसार की मृत्यु 273 0 पू0 हुई

16.  

बिंदुसार की मृत्यु के 4 वर्ष बाद 0 पू0 269 में अशोक मगध की गद्दी पर बैठा

17.  

सिंहसनारुढ होते समय अशोक ने ?देवनामप्रिय? तथा प्रियदर्शी? जैसी उपाधि धारण की

18.  

अशोक की माता का नाम सुभ्रद्रांगी था और वह चम्पा (अंग)की राजकुमारी थी

19.  

अशोक ने कश्मीर तथा खेतान पर अधिकार किया कश्मीर में अशोक ने श्रीनगर की स्थापना की

20.  

राज्यभिषेक के 8वें वर्ष 2610 पू0 में अशोक ने कलिंग पर आक्रमण किया

21.  

कलिंग के हाथी गुम्फा अभिलेख से ज्ञात होता है कि उस समय कलिंग पर नंदराज नाम का कोई राजा राज्य कर रहा था

22.  

कलिंग युध्द में व्यापक हिंसा के बाद अशोक ने बौध्द धर्म अपनाया

23.  

अशोक ने बौध्द धर्म का प्रचार-प्रसार किया उसने अपने पुत्र महेंद्र पुत्री संघमित्रा को बौध्द धर्म के प्रचार के लिये श्रीलंका भेजा

24.  

अशोक ने 10 वें वर्ष में बोधगया 20 वें वर्ष में लुम्बिनी की यात्रा की

25.  

अशोक ने ?धम्म? को नैतिकता से जोडा इसके प्रचार प्रसार के लिये उसने शिलालेखों को उत्कीर्ण कराया

26.  

अशोक के शिलालेख ब्राही,ग्रीक,अरमाइक तथा खरोष्ठी लिपि में उत्कीर्ण है तथा स्तम्भ लेख प्राकृत भाषा में है

27.  

सर्वप्रथम 1750 0 में टील पैंथर ने अशोक की लिपि का पता लगाया

28.    

1837 0 मे जेम्स प्रिंसेप ने अशोक के अभिलेखों को पढने में सफलता प्राप्त की

29.  

अशोक के बाद कुणाल गद्दी पर बैठा वृहद्रथ अंतिम मौर्य शासक बना

30.  

पुष्यमित्र शुंग ने वृहद्रथ की हत्या करके शुंग वंश की नींव रखी

31.  

पुष्यमित्र शुंग ब्राह्मण था उस ने भागवत धर्म की स्थापना की

32.  

पुष्यमित्र शुंग ने दो अश्वमेघ यज्ञ किये

33.  

शुंग वंश का अंतिम शासक देवभूति था जिसकी हत्या 73 0 पू0 में उसके ब्राह्मण मंत्री वासुदेव ने की थी

34.  

कण्व वंश की स्थापना वासुदेव ने 73 0 पू0 में की थी

35.  

इस वंश का शासन मात्र 45 वर्ष रहा जिसमें 4 शसकों ने राज्य किया

36.  

सातवाहन वंश की सिमुक ने की गौतमीपुत्र शतकर्णी इस वंश का शक्तिशाली शासक था

37.  

गौतमीपुत्र शतकर्णी ने कार्ले का चैत्य मंदिर ,अजंता-एलोरा की गुफओं अमरावती कला का विकास कराया

38.  

सातवाहन वंश मातृसत्तामक था तथा उनकी भाषा प्राकृत लिपि ब्राह्मी थी

39.  

सातवाहन शासकों ने सीसा,चाँदी,ताँबा पोटीन के सिक्के चलाये

40.  

डेमेट्रियस-प्रथम ने 0 पू0 183 में मौर्योत्तर काल में पहला यूनानी आक्रमण किया

41.  

भारत में सोने के सिक्के जारी करने वाला पहला शासक वंश हिंद यूनानी था

42.  

सबसे प्रसिध्द यवन शासक मिनांडर था जो बौध्द साहित्य में मिलिंद के नाम से प्रसिध्द है

43.  

शक वंश का सबसे प्रतापी शासक रुद्रामन था

44.  

विक्रमादित्य ने शकों पर जीत की स्मृति में 57 0 पू0 में विक्रम संवत चलाया

45.  

गोन्दोफर्निस पल्लवों का पहला शासक था इसके शासन काल में सेंट थॉमस ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करने भारत आया

46.  

कुजुल कडफिसेस ने 15 0 में कुषाण वंश की स्थापना की उसका उत्तराधिकारी विम कडफिसेस था

47.  

कुषाण वंश का सबसे महत्वपूर्ण शासक कनिष्क था जो 78 0 मे गद्दी पर बैठा

48.  

कनिष्क ने पुरुषपुर को अपनी राजधानी बनाया तथा राज्यारोहण के वर्ष से शक संवत प्रारम्भ किया

49.  

चरक ?चरक सहिंत? के रचनाकार चरक को चिकित्साशस्त्र का जनक कहा जाता है इस ग्रंथ में रोग निवारण की औषिधियों का वर्णन मिलता है

50.  

गुप्त वंश के शासन का प्रारम्भ श्रीगुप्त द्वारा किया गया किंतु इस वंश का वास्तविक शासक चंद्र्गुप्त ही था

51.  

चंद्रगुप्त ने महाराजाधिराज की उपाधि ग्रहण की

52.  

चंद्र्गुप्त के बाद उसका पुत्र समुद्रगुप्त शासक बना जो कि एक उच्च कोटि का कवि था

53.  

चंद्र्गुप्त2 के शासन काल में चीनी यात्री फाह्रान भारत यात्रा पर आया

54.  

कुमारगुप्त के शासन काल में नालान्दा विश्वविद्यालय की स्थापना हुई इसे ऑक्सफोर्ड ऑफ महायान कहा जाता है

55.  

गुप्त युग में विभिन्न कलाओं मूर्तिकला, चित्रकला, वास्तुकला, संगीत, तथा नाट्य कला का अत्यधिक विकास हुआ

 

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