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लाल बहादुर शास्‍त्री के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारी

by BhartiyaExam - 21-Dec-2018 02:38 PM {{viewCount}} Views {{commentsList.length}} Comment

लाल बहादुर शास्‍त्री के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारी

लाल बहादुर शास्‍त्री (Lal Bahadur Shastri) भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे वह अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे थ्‍ो आइये जानते हैं -

लाल बहादुर शास्‍त्री का जीवन परिचय

 

● लाल बहादुर शास्‍त्री जन्‍म 2 अक्‍टूबर सन 1904 मुगलसराय में हुआ था

 

● इनके पिता का नाम शारदा प्रसाद श्रीवास्तव (Sharada Prasad Srivastava) तथा माता का नाम रामदुलारी (Ram Dulari) था

 

● लाल बहादुर अपने परिवार में सबसे छोटेे थे इसलिए सभी इन्‍हें प्‍यार नन्‍हें कहकर पुकारते थे

 

● इनके पिता इनके बचपन में ही स्‍वर्गवासी हो गये थे तो इनकी माता इन्‍हें लेकर इनके नाना के यहाॅॅ लेकर चली गयीं


● शास्‍त्री जी का विवाह 1928 में मिर्जापुर निवासी गणेशप्रसाद की पुत्री ललिता से हुआ


● शास्‍त्री जी गांधीवादी थेे उन्‍होंने अपना सारा जीवन गरीबों की सेवा में लगाया था


● शास्‍त्री जी गांधी जी के साथ असहयोग अंदोलन कार्यरत रहे और कुछ समय केे लिए जेेल भी गयेे
● लाल बहादुर शास्‍त्री जी 1929 में इलाहाबाद आ गयेे और यहाॅॅ आकर उनकी मुलाकत नेेहरू जी से हुई इसके बाद वे नेहरू जी के मंत्रिमंडल में गृहमंत्री के तौर पर शामिल हुऐ इस पद पर वे 1951 तक बने रहे


● इसके बाद शास्‍त्री जी 1952 में संसद के निर्वाचित हुए और केंद्रीय रेलवे व परिवहन मंत्री बने


● शास्‍त्री जी ने रेलवे में थर्ड क्‍लास की शुरूआत की थी उन्‍होंनं फर्स्ट क्लास और थर्ड क्लास के किराया मे काफी अंतर कर दिया था इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बड़ी राहत मिली थी


● लाल बहादुर शास्‍त्री जी ने ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठी की जगह पानी की बौछार का प्रयोग आरंभ किया था


● लाल बहादुर शास्‍त्री जी को नेहरू जी की मृत्‍यु के बाद 1964 को भारत का दूसरा प्रधानमंत्री नियुक्‍त किया गया था


● “जय जवान-जय किसान” का नारा शास्त्री जी ने दिया था


● ताशकंद समझौते के बाद दिल का दौरा पड़ने से 11 जनवरी, 1966 को ताशकंद में शास्त्री जी का निधन हो गया


● शास्‍त्री जी को वर्ष 1966 में भारत के सर्वोच्‍च सम्‍मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था


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